Maos Zur - Loblied für Chanukkah
im Reim und Maos Zur mit wörtlicher Übersetzung
Dieses Lied will uns zeigen, wer alles tut lenken, was uns animieren soll unser eigenes Denken. Babylonier, Griechen, Römer und zuerst die Pharaonen waren unsere Unterdrücker-Nationen. Vorüber aber ist ihr Glanz und ihre Pracht, wir existieren noch immer, wer hätte das gedacht, weil uns der Schöpfer schützte mit seiner unbegrenzten Macht deshalb das jüdische Volk ist das letzte das lacht.
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- 1 -
Die erste Strophe vom Dank handelt ganz allgemein, im 3. Bet-Hamikdasch, wenn es stehen wird in Jeruschalajim.
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מעוז
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צור
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meiner Hilfe
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ישועתי
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Dich
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לך
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geziemt es
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נאה
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zu preisen.
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לשבח
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Gründe
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תיכון
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das Haus
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בית
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meines Gebetes,
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תפילתי
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und dort
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ושם
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Dankopfer
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תודה
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werden wir opfern.
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נזבח
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Zur Zeit
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לעת
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wenn Du bereitest
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תכין
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die Schlachtstätte (Strafe)
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מטבח
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von dem Bedränger
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מצר
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dem bellenden,
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המנבח
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dann
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אז
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vollende ich
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אגמור
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mit Gesang
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בשיר
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das Lied
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מזמור
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der Einweihung
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חנוכת
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des Altares
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המזבח
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- 2 -
Die zweite Strophe zeigt uns klar, wer unser erster Unterdrücker war. Pharao, der dem Kalb diente sehr, der landete am Schluss im Meer. Und mit G“ttes starker Hand, gelangten wir ins jüdische Land.
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Von Leiden (wörtl. Schlechten)
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רעות
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war satt
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שבעה
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meine Seele,
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נפשי
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in Kummer
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ביגון
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meine Kraft
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כחי
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war dahin.
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כלה
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Mein Leben
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חיי
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hatten sie verbittert
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מררו
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mir Härte,
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בקשי
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durch die Knechtschaft
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בשעבוד
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des (König-)Reiches
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מלכות
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des kalbgleichen,
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עגלה
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und durch Seine Hand
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ובידו
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die grosse
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הגדלה
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hat er hinausgeführt
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הוציא
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das
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את
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Kleinod (auserwählte Vol)
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הסגלה
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das Heer
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חיל
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von Pharao
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פרעה
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und all
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וכל
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sein Nachkomme (alle zu ihm gehörenden)
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זרעו
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sanken hinunter
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ירדו
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wie ein Stein
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כאבן
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in die Tiefe.
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מצולה
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- 3 -
Im jüdischen Land, da sollten wir Für alle Zeiten bleiben hier. Aber leider sündigten wir auch dort, so nahm man uns den Tempel fort. 70 Jahre in Babylon, das war uns´rer Taten Lohn.
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In das Innerste (von wo G'ttes Wort vernommen wird)
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דביר
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Seines Heiligtums
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קדשו
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hat er mich gebracht,
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הביאני
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und auch
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וגם
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dort
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שם
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bin ich nicht
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לא
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zur Ruhe gekommen
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שקטתי
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und es kam
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ובא
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der Verfolger
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נוגש
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und hat mich fortgeführt,
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והגלני
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weil
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כי
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Fremden (Göttern)
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זרים
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hatte ich gedient,
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עבדתי
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und den Wein
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ויין
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des Taumelns
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רעל
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hatte ich getrunken (wörtl. gemischt)
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מסכתי
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doch kaum
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כמעט
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war ich hiweggegangen (nach Babylonien)
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שעברתי
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(kam) das Ende
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קץ
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von Babylonien
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בבל
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durch Serubabel
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זרבבל
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am Ende
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לקץ
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von siebzig (Jahren)
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שבעים
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wurde mir geholfen.
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נושעתי
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- 4 -
Als Persien besiegte Babylon, den Juden ging es besser schon. Da der Haman sie wollte vernichten, gibt es noch mehr Geschichten zu berichten, schliesslich hängte er am Galgen oben, weshalb wir am Purim noch heute tun loben.
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Zu fällen
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כרות
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den Stamm
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קומת
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der Tanne, (Zypresse, Eiche)
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ברוש
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wollte
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בקש
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der Agagi (Haman, Nachkomme Agags)
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אגגי
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der Sohn
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בן
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von Hamdatha
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המדתא
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Und es wurde
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ונהיתה
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ihm
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לו
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zur Falle
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למוקש
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und sein Hochmut
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וגאותו
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wurde zurückgehalten (d. h. gebrochen)
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נשבתה
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Das Haupt
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ראש
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des Binjamin
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ימיני
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hast Du erhoben
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נשאת
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und des Feindes
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ואויב
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Namen
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שמו
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hast Du ausgelöscht.
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מחית
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Die Menge
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רב
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seiner Söhne
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בניו
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und seiner Güter
|
וקניניו
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auf
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על
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dem Baum
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העץ
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hast Du gehenkt.
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תלית
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- 5 -
Und als nun in der Chanukka-Zeit Die Griechen herrschten weit und breit, auch jüdische Feiglinge gab es da, die zu allem sagten „ja“ Die Chaschmonaim aber hatten in G“tt Vertrauen, und liessen sich ihre Torah nicht klauen. Das Wunder machte G“tt den Reinen, weshalb noch heute die Chanukka-Lichter scheinen.
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Griechen
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יונים
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versammelten sich
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נקבצו
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gegen mich
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עלי
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damals
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אזי
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in den Tagen
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בימי
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der Chaschmonaim (Hasmonäer)
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חשמנים
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und sie rissen ein
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ופרצו
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die Mauern
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חומות
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meiner Türme
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מגדלי
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und sie verunreinigten
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וטמאו
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alle
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כל
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Öle.
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השמנים
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Und von dem Rest
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ומנותר
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der Krüge
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קנקנים
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|
geschah (wörtl. wurde gemacht)
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נעשה
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das Wunder
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נס
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den Rosen (dem rosengleichen Volk)
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לשושנים
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Die Söhne
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בני
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der Einsicht, (d.h. die Weisen)
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בינה
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der Tage
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ימי
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acht
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שמנה
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setzten sie fest
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קבעו
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Gesang
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שיר
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und Jubel.
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ורננים
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- 6 -
Und was tut uns die Zukunft bringen, mit Maschiach werden wir ein neues Lied singen, diejenigen, die harrten im Galut aus und warteten auf Haschems drittes Haus. Bis dann kann aber nur Derjenige überleben, der sich vom Richtigen nicht wendet daneben. Seine Identität im Judentum zu erstreben, das lehrt uns die jüdische Geschichte, - - eben!
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Enthülle
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חשוף
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den Arm
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זרוע
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Deiner Heiligkeit
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קדשך
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und bringe näher
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וקרב
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die endgültige
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קץ
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Rettung
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הישועה
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|
Räche
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נקום
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die Rache
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נקמת
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des Blutes
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דם
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Deiner Diener
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עבדיך
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von dem Staat
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מאמה
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dem schlechten,
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הרשעה
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denn
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כי
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es ist schon lange (erwartet)
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ארכה
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von uns
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לנו
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die Rettung
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הישועה
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und es ist nicht (abzusehen)
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ואין
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ein Ende
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קץ
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für die Tage
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לימי
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des Leidens (die schlechten)
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הרעה
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Verstosse
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דחה
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den Roten (Esaw)
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אדמון
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in den Schatten
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בצל
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der Hölle
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צלמון
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stelle auf
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הקם
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uns
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לנו
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der Hirten
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רועה
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sieben.
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שבעה
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